लेखाशास्त्र कक्षा 12, - अध्याय 3 A, - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन, - साझेदार का प्रवेश
नमस्कार, मैं रामावतार कुमावत आपका स्वागत करता हूँ।
प्रश्न 1 - साझेदारी के वर्त्तमान समझौते में किसी भी प्रकार का परिवर्तन क्या कहलाता है?
उत्त्तर - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन,
प्रश्न 2 - साझेदारी के वर्त्तमान समझौते का अंत व नये समझौते का निर्माण कब होता है?
उत्तर - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन होने पर,
प्रश्न 3 - साझेदारी फर्म के सदस्यों के मध्य संबंधों में परिवर्तन कब होता है?
उत्तर - साझेदारी फर्म के पुनर्गठन पर,
प्रश्न 4 - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन किन परिस्थितियों में होता है?
उत्तर - 1. नए साझेदार का प्रवेश होने पर,
2. लाभ विभाजन अनुपात में अंतर होने पर,
3. साझेदार की सेवा निवृति पर और
4. साझेदार की मृत्यु या दिवालिया होने आदि पर,
प्रश्न 5 - किसी साझेदारी फर्म को अतिरिक्त पूँजी या प्रबंधकीय सहायता के समय कौनसा परिवर्तन संभव है?
उत्तर - नए साझेदार का प्रवेश,
प्रश्न 6 - नए साझेदार का प्रवेश किस प्रावधान के अनुसार संभव है?
उत्तर - साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार,
प्रश्न 7 -विद्यमान साझेदारों के मध्य लाभ विभाजन अनुपात में परिवर्तन के निर्णय का परिणाम क्या होता है?
उत्तर - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन,
प्रश्न 8 - एक साझेदार द्वारा फर्म के व्यवसाय से, उसके अस्वस्थ होने, अधिक आयु होने तथा व्यवसाय में रूचि परिवर्तन के कारण निकल जाने को क्या कहा जाता है?
उत्तर - साझेदार की सेवा निवृति,
प्रश्न 9 - एक साझेदार किसी भी समय साझेदारी फर्म से सेवा निवृति कौनसी साझेदारी में आसानी से ले सकता है?
उत्तर - ऐच्छिक साझेदारी में,
प्रश्न 10 - साझेदार की सेवा निवृति का परिणाम क्या होता है?
उत्तर - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन,
प्रश्न 11 - किसी साझेदार की मृत्यु होने पर भविष्य में फर्म के व्यवसाय जारी रखने के लिए क्या किया जाता है?
उत्तर - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन,
प्रश्न 12 साझेदार की मृत्यु या दिवालिया होने का परिणाम क्या होता है?
उत्तर - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन,
प्रश्न 13 - चालु फर्म में अतिरिक्त पूँजी अथवा प्रबंधकीय सहायता की पूर्ति के लिए साझेदारी फर्म क्या करती है?
उत्तर - नये साझेदार को प्रवेश देती है।
प्रश्न 14- एकल स्वामित्व व्यवसाय में नए व्यक्ति का स्वामी के रूप में प्रवेश का परिणाम क्या होता है?
उत्तर - साझेदारी का जन्म होता है।
प्रश्न 15 - साझेदारी फर्म पुनर्गठित कब होती है?
उत्तर - नए साझेदार के प्रवेश पर,
प्रश्न16 - नए साझेदार को प्रवेश पर फर्म से कौनसे दो मुख्य अधिकार मिलते हैं?
उत्तर - 1. फर्म की परिसम्पतियों में भाग लेने का अधिकार तथा 2. फर्म के भावी लाभों में भाग लेने का अधिकार,
प्रश्न 17 - नया साझेदार नगद या अन्य वस्तु के रूप में एक स्वीकृत राशि पूँजी के रूप क्यों लाता है?
उत्तर - साझेदारी फर्म की परिसम्पत्तियों में अधिकार के लिए,
प्रश्न 18 - सामान्यतः नए साझेदार के प्रवेश के समय कौनसे महत्वपूर्ण बिंदु होते हैं?
उत्तर - 1. नया लाभ विभाजन अनुपात,
2. त्याग अनुपात,
2. ख्याति का मूल्यांकन एवं समायोजन,
4. परिसम्पतियों का पुनर्मूल्यांकन एवं दायित्वों का पुनर्निर्धारण,
5. संचित लाभों (संचय) का वितरण और साझेदारों की पूँजी का समायोजन आदि हैं।
प्रश्न 19 - पुराने साझेदारों के लाभ में से अपना भाग कौन प्राप्त करता है?
उत्तर - साझेदारी फर्म में प्रवेश पाने वाला नया साझेदार,
प्रश्न 20 - पुराने साझेदार अपने लाभ के कुछ हिस्से का त्याग कसके पक्ष में करते हैं?
उत्तर - साझेदारी फर्म में प्रवेश पाने वाले नए साझेदार के पक्ष में,
प्रश्न 21 - नए लाभ विभाजन अनुपात की आवश्यकता कब होती है?
उत्तर - नए साझेदार के प्रवेश के समय,
प्रश्न 22 - पुराने साझेदारों द्वारा नए साझेदार के पक्ष में अपने लाभ का त्याग क्या कहलाता है?
उत्तर - त्याग अनुपात,
प्रश्न 23 - पुराने साझेदार द्वारा नए साझेदार के पक्ष में किए गए त्याग की गणना किस प्रकार की जाती है?
उत्तर - त्याग = लाभ में पुराना भाग - लाभ में नया भाग
प्रश्न 24 - पुराने साझेदारों के अधिलाभ में हुई क्षतिपूर्ति के लिए नए साझेदार द्वारा लाई गई अतिरिक्त राशि क्या कहलाती है?
उत्तर - ख्याति या प्रीमियम कहलाती है।
प्रश्न 25 - नए साझेदार के पक्ष में किए गए त्याग के अनुपात में कौनसी राशि का विभाजन साझेदारों के मध्य किया जाता है?
उत्तर - ख्याति या प्रीमियम राशि का,
प्रश्न 26 - ख्याति या प्रीमियम के बदले किए गए त्याग के अनुपात को क्या कहते हैं?
उत्तर - त्याग अनुपात,
प्रश्न 27- साझेदारों के मध्य सामान्यतः स्पष्ट रूप से दिया गया त्याग अनुपात किस रूप में होता है?
उत्तर - पुराना अनुपात, समान त्याग तथा विशिष्ट अनुपात के रूप में होता है।
प्रश्न 28 - फर्म के पुनर्गठन के समय किसका समायोजन करना आवश्यक होता है?
उत्तर - ख्याति का,
प्रश्न 29 - लाभ विभाजन अनुपात में परिवर्तन, साझेदार के प्रवेश, साझेदार की सेवा निवृति या साझेदार की मृत्य के समय किसका समायोजन करना आवश्यक है?
उत्तर - ख्याति का,
प्रश्न 30 - साझेदार का प्रवेश, सेवानिवृति, मृत्यु तथा लाभ विभाजन अनुपात में परिवर्तन के समय क्या होता है? तथा किसकी गणना की जाती है?
उत्तर - फर्म का पुनर्जन्म होता है तथा ख्याति का मूल्यांकन (समायोजन)आवश्यक है।
धन्यवाद!
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